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परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव (कक्षा-9 और कक्षा-10)

Somak Chatterjee | February 21st, 2013 at 10:13am

नमस्कार मित्रों!

परीक्षा के दिन समीप रहे हैं। हम जानते हैं कि आप सब इस बात को लेकर परेशान होंगे कि परीक्षा की तैयारी किस प्रकार से करनी चाहिए? सबसे पहले आपको इस बात का ज्ञान होना आवश्यक है कि हिन्दी के प्रश्न-पत्र पर किस विषय पर कितने अंकों के लिए आपको तैयारी करनी है। महत्वपूर्ण जानकारियाँ इस प्रकार हैं-

नौवीं कक्षा में 90 अंकों का और दसवीं कक्षा में 80 अंकों का प्रश्न-पत्र आता है। इस आधार पर हम हिन्दी को हम चार भागों में बाँटते हैं-

. अपठित गद्यांश एवं अपठित पद्यांश (20 अंक)
. व्याकरण (20 अंक)
. दोनों पाठ्यपुस्तक पर आधारित प्रश्न (दसवीं कक्षा- 40 अंक) (नौवीं कक्षा- 40 अंक)
. लेखन (निबंध एवं पत्र)   (10 अंक)

आपको अपनी समय-सारणी (टाइम टेबल) ऊपर दी तालिका के आधार पर बनानी है। यदि आप इस आधार पर तैयारी आरंभ करते हैं, तो आपका बहुत-सा समय बच सकता है।
कई बार देखा जाता है कि विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी करते समय समय-सारणी निर्धारित नहीं करते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि वह उलझ कर रह जाते हैं। आप चाहें, तो हर विषय को दो घंटे दीजिए। परन्तु प्रयास कीजिए कि आप यह निर्धारित करें कि उन दो घंटों में आपको क्या पढ़ना है। सी.बी.एस.. बोर्ड ने परीक्षा के स्तर पर सुधार करते हुए, पाठ्यक्रमों को दो भागों SA-1 और SA-2 में विभाजित कर दिया है। इससे विद्यार्थियों की कठिनाइयाँ कम हुई हैं।

परीक्षा से पहले की कुछ आवश्यक बातें; जैसे-

() अपनी तैयारियाँ आरंभ करने से पहले यह ध्यान देना आवश्यक है कि किसी भी विषय में सब एक साथ याद करने का प्रयास नहीं करना है। इस तरह से दिमाग तनाव में सकता है। पढ़ाई करने के लिए समय-सारणी बनाइए। स्वयं को तनाव से मुक्त रखने का प्रयास करें।

() जिन विषयों में कठिनाई रही है उसकी सूची बनाइए और उन विषयों पर अपने बड़ों या अध्यापिका से बात कीजिए। इस तरह से आपको हल मिल जाएगा।

() अधिकतर विद्यार्थियों को व्याकरण में कठिनाई आती है। पूरा ध्यान उस पर केन्द्रित मत कीजिए। कहीं ऐसा हो कि आप हिन्दी के अन्य भागों में पीछे रह जाएँ। पहले अन्य भागों की पूरी तैयारी करें फिर इस पर ध्यान केन्द्रित करें।

() पाठ्य पुस्तक में SA-2 के अंदर जितने भी अध्याय आते हैं। उनकी तैयारी पूरी तरह कर लें। उसका दोबारा से अभ्यास अवश्य कीजिए। यह सुनिश्चित कर लीजिए कि आपको यह अच्छी तरह से आता है।

() निबंध और पत्रों के लिए रट्टे मत लगाएँ समझने का प्रयास करें कि उसमें क्या लिखा है। यह स्मरण रहे की रट्टा मारा हुआ याद नहीं रहता। समझने से लिखने में आसानी रहती है।

() पत्रों के प्रारुप (format) पर अवश्य ध्यान दें।

() सप्ताह में एकबार अपने मित्रों के साथ बैठें और आपस में टेस्ट लें। इस तरह से आपको अनुमान हो जाएगा कि आपको कहाँ पर कठिनाई अधिक रही है। इसी आधार पर आगे कि तैयारी करें।

() अपनी तैयारियाँ इस प्रकार रखें कि पेपर के दिनों में आपको अभ्यास के लिए पूरा समय मिले।

() यदि आपको लगता है कि आपको सब आता है, उसके बाद भी स्वयं बार-बार अभ्यास करते रहें। ऐसा करने से उस विषय में आपकी स्थिति मज़बूत हो जाएगी।

() रट्टे लगाने से अच्छा है, लिखकर समझने और याद करने का प्रयास करें।

() हिन्दी के चारों भागों के छोटे-छोटे टेस्ट स्वयं भी लेते रहें।

परीक्षा के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ

Meritnation परिवार



4 Comments Add your own

  • 1. Rishabh Shukla  |  February 21st, 2013 at 12:12 pm

    thnx meritnation family

  • 2. raju  |  February 23rd, 2013 at 1:19 am

    can you please translate the page to english

  • 3. Heba Nazim  |  February 26th, 2013 at 5:16 pm

    tfs!!! :)

  • 4. Devesh Mishra  |  February 28th, 2013 at 6:52 pm

    thank you meritnation….

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